Biography and life changing Quotes of Swami Vivekanand

वेदांत और योग का पश्चिमी देशों में डंका बजाने वाले स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को कलकत्ता के बंगाली परिवार में हुआ था। माता-पिता ने नाम रखा नरेन्द्रनाथ दत्त। More

सावित्री बाई फुले (1831-1897)

दकियानूसी परंपराओं को तोड़ हिंदू धर्म, सामाजिक व्यवस्था, कुरीतियों, शूद्रों-अतिशूद्रों के साथ अन्याय और महिलाओं की स्थिति को आधुनिक भारत में पहली बार जिस महिला ने चुनौती दीMore

महान स्वतंत्रता सेनानी अझगू मुतू कोणे यादव की अमर कहानी (Maveeran Alagumuthu Kone ) (11 जुलाई 1710 – 19 जुलाई 1759)

महान सेनानायक और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रथम स्वतंत्रता सेनानी महावीरन श्री अझगू मुत्थू कोणे यादव का जन्म 11 जुलाई, 1710 ई. में तमिलनाडु के, कोट्टालंकुलम गांव, कोविलपट्टी के टूटीकोरिन जिले में हुआ था। अझगू मुत्थु कोणार यादव को सर्वइकरार के नाम से भी जाना जाता है।
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2022 में कैसे बढ़ाएं कदम सफलता की ओर ?/ सफलता के जरूरी टिप्स (Success tips)/ सफलता के मूल मंत्र/ कैसे 2022 को बनाए जीवन का सबसे सफल साल? हिंद

अलग-अलग परिप्रेक्ष्य में सफलता के अलग पैमाने हैं। एक विद्यार्थी के लिए अधिक से अधिक ज्ञान अर्जन करना सफलता है और दूसरे विद्यार्थी के लिये सबसे ज्यादा अंक लाना।एक व्यापारी के लिए अधिक धन कमाना, व्यापार का विस्तार सफलता है। वैज्ञानिक के लिए सफल अन्वेषण सफलता है, शिक्षक के लिए ज्ञान का प्रसार, नेता के लिए चुनाव जीतना और नौजवान के लिये सही नौकरी पाना
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कैसा होता है जनवरी मास में जन्मे व्यक्ति का व्यक्तित्व?

जनवरी माह मकर राशि में आती है। यह राशि 21 दिसंबर के आसपास शुरू होती है और 7 दिन तक धनु राशि के साथ राशि-संधि चलती है।  इस राशि का पूरा प्रभाव 28 दिसंबर से प्रारंभ होकर 21 जनवरी तक रहता है। फिर मकर और कुंभ का दिनों का संधि काल शुरू हो जाता हैMore

कार्तिक पूर्णिमा का महत्व, कथा, फल/ गढ़मुक्तेश्वर का कार्तिक मेला/ गुरु नानक जयंती

। इस पूर्णिमा को त्रिपुरी पूर्णिमा इसलिए कहते हैं, क्योंकि इसी दिन ही भगवान शिव जी ने त्रिपुरासुर नामक आततायी असुर का संहार किया था। त्रिपुरासुर के वध कर त्रिलोक की रक्षा करने के कारण भगवान शिव को त्रिपुरारी भी कहा जाता है।More

भाई दूज/ भाई पोटा/ यम-भरत द्वितीया कैसे मनाए, क्यों मनाए, कथा और फल

कार्तिक शुक्ल द्वितीया को प्राचीन काल में यमुनाजी ने अपने भाई यमराज को विधिवत पूजन अपने घर भोजन कराया था, इसलिए यह ‘यमद्वितीया’ कहलाती है। इस दिन बहन के घर भोजन करना आयुवर्धक, स्वास्थ्य वर्धक, पुष्टिवर्धक और समृद्धि वर्धक बताया गया है।More

दीपावली पूजा विधि/ पूजा सामग्री/ शुभ मुहूर्त/ मंत्र

दीवाली के दिन जहां गृहस्थ और वाणिज्य वर्ग के लोग धन की देवी लक्ष्मी से समृद्धि और वित्तकोष की कामना करते हैं और घरों और संस्थानों को स्वच्छ और शुद्ध कर दीये सुगंध से माता लक्ष्मी- गणेश का स्वागत करते हैं। More

क्या है कोजागर व्रत?/ कोजागर व्रत कथा/ महात्म्य/ पूजा विधि

आश्विन मास की पूर्णिमा को भगवती महालक्ष्मी रात्रि में यह देखने के लिए घूमती हैं, कि कौन जाग रहा है और कौन सो रहा है। जो जागते हैं उन्हें धन का वरदान देती हैं लक्ष्मी जी। लक्ष्मी जी के ‘को जागर्ति’ कहने के कारण इसका इस व्रत का नाम कोजागर पड़ा है।More

शरदपूर्णिमा या रासोत्सव का महत्व/ काल निर्णय/ पूजन विधि/ वैज्ञानिक दृष्टिकोण/ शरद पूर्णिमा की रात को क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए ?

अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा शरद पूर्णिमा कहलाती है। शरद पूर्णिमा की रात्रि में चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से पूर्ण होता है। शरद पूर्णिमा की रात्रि में चंद्रमा की चांदनी में अमृत का निवास रहता है, इसीलिए उसकी किरणों से अमृत्व को और आरोग्य की प्राप्ति होती है।More