Health & Beauty

कैसे पाये लम्बे समय तक चुस्त और स्वस्थ्य काया

हमारे जीवन में खाने का बहुत महत्व है ये तो सभी जानते है। लजीज खाने हर दिल को अजीज होते हैं। हमारे दैनिक जीवन के खानपान और दिनचर्या ( daily routine) ही हमारे शरीर को भविष्य (future) के लिए तैयार करते है। स्वस्थ्य और निरोगी शरीर का निर्माण हमारे हाथ में ही है। इसके कुछ नियम है , जिसे अपना कर कोई भी अच्छे स्वास्थ्य को 100 वर्ष तक पा सकता।है।

Rule no. 1

Cheapest and simples food is the best food

वैज्ञानिकों के अनुभव और research के अनुसार यदि समझ और तरीक़े से खुराक ली जाए तो सस्ती खुराक ही सबसे अच्छी और healthy होती है। लोगों के मन मे यह बात घर कराई गयी है कि महंगी (costly) खुराक ही healthy और energyful होती है। health conscious लोग सादी रोटियों को पूरीयों की अपेक्षा ज्यादा खाना पसंद करते हैं, क्यों? क्योंकि वो यह जानते हैं कि स्वास्थ्य की दृष्टि से सादी रोटी ही बेहतर है।

घर पर बने बेसन के लड्डू, खोये के बर्फी, सूजी या बेसन के हलवे बाजार में मिलने वाले महंगी बिस्किट, कुकीज़, Pastry से हजार गुणा healthy होते हैं। ब्रेड, टोस्ट से रोटी, शक्कर से गुड़, कोल्डड्रिंक से दूध छाछ या नींबू की शिकंजी, Icecream से लस्सी, बिरयानी से सादी चावल और रंगीन पानी से सादी पानी हमेशा बेहतर और healthy विकल्प है।

Rule no. 2

खुराक लेने की दो महत्वपूर्ण शर्त है और ये दोनों ही शर्तें आपस में interlinked है :

  • भूख जब लगे तब खाएं
  • समय पर खाना खाए

भूख लगना एक प्राकृतिक घंटी ( Natural bell) है कि शरीर को food की जरुरत है। जब आपको भूख लगती है तो आपकी body पाचक रस (digestive juice) secrets करती है। इससे खाना अच्छी तरह पचता (digest) और इससे शरीर को ज्यादा energy मिलती है। कुछ लोग भूख लगे ना लगे सिर्फ घड़ी देखकर खाते हैं। भूख नहीं लगी इसका मतलब आपका खाना अभी digest नहीं हुआ उस पचने दे। इसलिए यह बहुत जरूरी है की खुराक भूख लगने पर ही ले।

समय पर जो खाते है और खाने की routine follow करते हैं, उनको भूख नियत समय पर ही लगती है। जो स्वास्थ्य के नजरिये से सबसे सही है। किंतु अगर किसी दिन heavy खाने से आपको भूख ना लगे तो जबरदस्ती घड़ी देख कर ना खाए।

Rule no. 3

रोजाना के व्यस्त जीवन में सबसे ज्यादा इसी नियम की अनदेखी होती है। रिसर्च कहती है ,जब आप क्रोध ( angry mood) करते हैं , चिंता या अवसाद ग्रस्त (depression) होते हैं तो पाचन तंत्र (digestive system) पर बुरा प्रभाव पड़ता है।

आयुर्वेद में भी लिखा गया है कि शांत और प्रसन्न चित्त से ग्रहण किया भोजन अमृत के समान होता है। क्रोध, अवसाद या चिंता की स्थिति में की गयी food जहर जैसी होती है। जो पेट तो भरता है पर शरीर।को नुकसान पहुंचाता है।

Rule no. 4

खाते समय खाने को अच्छी तरह से चबाएंं । जब आप अच्छी तरह चबा कर खाते हैं तो निवाले मे लार (saliva) मिलता है जो खाने को सुपाच्य (digestive) बनाता है।

खाने के साथ पानी, चाय या कौफी ना लें। खाने के 30 मिनट पहले पानी पियें और 30 मिनट बाद हींं पिये। 100 साल स्वस्थ्य और निरोगी रहने की सबसे जरुरी शर्त है, शारीरिक और मानसिक physical & mental) गलतियों से बचना है । यही आपको बुढापे और रोग से आपको दूर रखेगा,ये गलतियां है : जुबान का स्वाद, भोजन संबंधी अज्ञानता और आरामपसंद जीवन। एक अमेरिकी scientist ने सही कहा है :

” Man never dies, he kill himself”

“मनुष्य कभी मरता नहीं, वह खुद को मार देता है”

रिसर्च कहते हैं कि 75% रोग के मामलों मे रोग के कारण खाने से संबंधित ( food related) होते हैं। खाने का घटना/ बढ़ना, कम/ ज्यादा होना, असमय खाना या फिर गलत ढ़ंग से खाना होता है। जो लोग इस नियम को समझते हैं और इसका पालनकरते हैं, वो 90-100 साल ना सिर्फ जवान रहते हैं बल्कि निरोगी भी रहते हैं।

मनुष्य शरीर (human body ) की संरचना (structure) पाचन अंगों (digestive organ) के आसपास बनी हुई है। स्वास्थ्य का यही मूलमंत्र है, जैसा हम खुराक लेंगे digestive system हमारे शरीर को उसी के आधार पर स्वास्थ्य और ऊर्जा देती है। अपने रोजमर्रा के diet में दूध, अंडा, दाल, मक्खन, घी, गुड़, दही, रेशेदार सब्जी (fiber), badam को शामिल करें। मैदे से बनी चिकने, तले और गरिष्ठ भोजन , मसालेदार खाने और जंक फूड जैसे पिज्जा, बर्गर, पास्ता से दूरी बनाए।

अगर आप स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहकर इन नियमों का पालन करे तो निस्संदेह आप 100 वर्ष तक निरोगी और जवान रहेंगे। एक स्वस्थ जीवन का मार्ग प्रशस्त करेंगे।