2022 में कैसे बढ़ाएं कदम सफलता की ओर ?/ सफलता के जरूरी टिप्स (Success tips)/ सफलता के मूल मंत्र/ कैसे 2022 को बनाए जीवन का सबसे सफल साल? हिंद

हमारा जीवन वैसा ही बनता है जैसा हम इसे बनाना चाहते हैं। अपने जीवन रुपी बर्तन के कुम्हार भी हम ही हैं। अपने इच्छानुसार हम अपनी शारीरिक और मानसिक उन्नति कर सकते और सफलता के शिखर पर परचम लहरा सकते हैं।

वर्ष 2021 ढलान पर है और वर्ष 2022 दस्तक दे रही है। नए साल में ऐसा क्या संकल्प लें कि यह साल आप जीवन में सफलता का आगाज करें। जानने के जाने क्या है सफलता और इसके मूल मंत्र।

सफलता क्या है?

अलग-अलग परिप्रेक्ष्य में सफलता के अलग पैमाने हैं। एक विद्यार्थी के लिए अधिक से अधिक ज्ञान अर्जन करना सफलता है और दूसरे विद्यार्थी के लिये सबसे ज्यादा अंक लाना।एक व्यापारी के लिए अधिक धन कमाना, व्यापार का विस्तार सफलता है। वैज्ञानिक के लिए सफल अन्वेषण सफलता है, शिक्षक के लिए ज्ञान का प्रसार, नेता के लिए चुनाव जीतना और नौजवान के लिये सही नौकरी पाना इत्यादि।

• एक व्यक्ति के जीवन की सफलता उसकी आत्मिक संतुष्टि, खुशी और बुद्धि के अनुरूप लक्ष्य की प्राप्ति होती है।

• किसी के सफलता का पैमाना धनी होना, किसी का सम्मान तो किसी का ख्याति पाना होता है। सभी के लक्ष्य अलग हैं किन्तु सभी के लक्ष्य पाने का मूल मंत्र एक ही है।तो क्या हैं सफलता के ये मूल मंत्र जानते हैं :

सफलता का मूल मंत्र क्या है ?

किसी व्यक्ति के जीवन की सफलता का आधार उसकी सोच, व्यवहार, आदतें, परिवेश और इच्छाशक्ति होती है। ये वो महत्वपूर्ण बिंदु हैं जो सफलता हासिल करने में अहम भूमिका निभाती हैं।जीवन में बहुत बार असफलताओं की वजह शारीरिक परेशानी या अस्वस्थता भी होती है। बुद्धि, ज्ञान और इच्छा होते हुए भी सफलता प्राप्ति निमित्त अनिवार्य शक्ति की कमी सफलता के मार्ग में बाधा बनता है।महत्वपूर्ण सवाल यह है कि सफलता का मूल मंत्र क्या है?

कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन । मा कर्मफलहेतुर्भुर्मा ते संगोऽस्त्वकर्मणि ॥

श्रीकृष्ण श्रीमद्भागवत गीता में कहते हैं, तुम्हारे कर्म करने पर तुम्हारा अधिकार है, उसके फल पर नहीं। इसलिए तुम फल की दृष्टि से कर्म मत कर और न ही ऐसा सोच की फल की आशा के बिना कर्म क्यों करूं।

• एक व्यक्ति को अपने जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए स्वयं ही मेहनत करना होता है अपनी योग्यता दक्षता और बुद्धि का उचित प्रयोग करके मनुष्य बड़ी सफलता को प्राप्त कर सकता है।

• ऊंचे स्तर की सफलता की कुंजी है कि मनुष्य अपनी बुद्धि, योग्यता, दक्षता और व्यक्तित्व का पूरा विकास करें और उसे अपने आचरण में या व्यवहार में लाए।

• स्कूल, कॉलेज की शिक्षा के साथ-साथ अनुभव (Experience) की पाठशाला की शिक्षा का जीवन में सबसे महत्वपूर्ण योगदान है। अनुभव एकमात्र ऐसा शिक्षक है जिसका पढ़ाया पाठ इंसान जीवन में कभी नहीं भूलता। इससे मिले ज्ञान की जीवन में प्रतिदिन जरूरत होती है।

दृढ़ निश्चय (Strong determination) बड़ी सफलता है हमेशा वही लोग प्राप्त करते हैं, जिनमें दृढ़ निश्चय लेने क्या गुण होता है। यह वह गुण जिससे मनुष्य बड़ी से बड़ी सफलता पा सकता है। अपने आप विश्वास करें और दृढ़ निश्चयी बनें।

एक पर्वतारोही ऊंचे पर्वत के शिखर पर एक ही बार ऊंची छलांग में नहीं पहुंचता। पर्वत के शिखर पर पहुंचने के लिए वह अनेकों कठिनाइयों का सामना करता है। पर्वतारोही धीरे-धीरे संयम, साहस, मेहनत, इच्छाशक्ति और बुद्धिबल पर्वत के शिखर पर चढ़ता है।सफलता के मार्ग में भी अनेकों कठिनाइयाँ आती हैं, किंतु साहस, संयम, मेहनत, दृढ़ संकल्प, इच्छाशक्ति और बुद्धि बल से बड़ी से बड़ी सफलता पाई जा सकती है।

भाग्यवादी होने से बचें और भाग्यवादी लोगों से दूर रहने की कोशिश करें। जो लोग भाग्य भरोसे बैठते हैं, अक्सर अवसर उनके हाथों से फिसल जाते हैं। अवसर खोजने वाले परिश्रमी व्यक्ति को सही अवसर प्राप्त होता है और उसकी सफलता निश्चित होती है।

योजना बनाना और समय का प्रबंधन (Planning and time) management)किसी भी काम को शुरू करने से पहले कार्य की रूप रेखा तैयार करें। पढ़ाई, कार्यालय का काम, रिसर्च हो या व्यापार, योजनाबद्ध तरीक़े से किए काम को करना आसान होता है और इसमें कम दिक्कतों का सामना होता है।

• मेहनती बनें ( Be Industrious)मेहनत सफलता की पहली और सबसे महत्वपूर्ण सीढ़ी है। किसी काम को सही दिशा में मेहनत और लगन के साथ करने से सफलता जरूर मिलती है। मेहनत कभी व्यर्थ नहीं होती है, इसलिए हमेशा सही दिशा में मेहनत करते रहनी चाहिए।

• एकाग्र चित्त ( focused), कर्तव्यनिष्ठ या कार्यनिष्ठ हुए बिना जीवन में कभी सफलता नहीं मिलती। शारीरिक और मानसिक दोनों ही शक्ति हमें विधाता से मिली है। ये वो हथियार हैं जो जीवन के युद्ध में हमें सफलता दिलाते हैं।

• एक प्रचलित कहावत है, “ आलस्य, निद्रा और जम्हाई, ये तीनों हैं काल के भाई”।यानि आलस, ज्यादा सोने और मृत्यु में घनिष्ठ संबंध है। व्यक्ति आलसी बहुत आसानी से बन जाता है, पर कर्मठ बनना मुश्किल है। आलस्य रोग सदृश होता है। सफलता के सपने देखने से पहले आलस मुक्त होना जरूरी होता है।

• सकारात्मक व्यवहार और सोच अपनाएं (Positive attitude and thinking)उतार-चढ़ाव, हार- जीत जीवन के भाग हैं और निरंतर चलना और सीखना जीवन है। कभी भी अपनी हार से निराश ना हो, अपनी हार से सीखें और जीत पर गर्व नहीं करें।

• किसी भी काम को करने से पहले उससे जुड़ी योजना के बारे में सबसे नहीं बताऐं, इससे काम की सफलता की संभावनाएं कम होती है। इसलिए जब तक आपका काम पूरा न हो तब तक कोशिश करें की काम से संबंधित लोगों तक ही बातें सीमित रहें।

• सकारात्मकता (Positivity) को दोस्त बनाएसकारात्मक मानसिक गतिविधि, सकारात्मक सोच, सकारात्मक परिवेश और सकारात्मक कदम आपको जीवन में ऊपर ले जाते हैं यानि सफलता की ओर ले जाते हैं और हमें लक्ष्य हासिल करने में मदद करते हैं। हो सके तो नकारात्मक लोग और माहौल से दूर रहें।

• जीवन में संतुलन बनाना सीखेंजीवन के संघर्ष में सफलता के लक्ष्य पाने के राह में संतुलन की भी अहम भूमिका होती है। संतुलन के कई मायने हो सकते हैं, मसलन मानसिक, शारीरिक का संतुलन या पारिवारिक, प्रोफेशनल और सामाजिक जीवन में संतुलन। एक व्यक्ति जितनी कुशलता से यह संतुलन बनाता है, उसकी सफलता उतनी सुनिश्चित होती है।

• असफलता को सफलता की सीढ़ी बनाएसफलता और असफलता एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। प्रसिद्ध फिल्म की डायलॉग तो सुना होगा कि, हार के जीतने वाले को बाजीगर कहते हैं। यह बात समझना जरूरी है कि, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।असफलता से सीख लें और उस काम को दोगुनी जोश और हिम्मत से शुरू करें। बेहतर कोशिश दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ करें। आपकी जीत निश्चित होगी।

• सामर्थ्य और इच्छानुसार लक्ष्य बनाए और दबाव या डर से कोई काम ना करें और लक्ष्य निर्धारित करें (Goal setting)अपना लक्ष्य स्वयं निर्धारित करें। आपकी रुचि और दक्षता किस विषय में, किस व्यापार में या किस सेक्टर में है। उसी के अनुसार आपको जीवन का लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए।

लक्ष्य ऐसे बनाएं जो आपको प्रेरित करते हैं, जिसे हासिल करने में आपकी दिलचस्पी हो।सफलता लक्ष्य साधने का नाम है, तो परिणाम की चिंता किए बिना अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करें। मेहनत- लगन, दक्षता और बुद्धि बल को अपने सफलता के राह का मित्र बनाए, तो सफलता निश्चित मिलेगी।

राहुल एक मेधावी छात्र था, उसे इतिहास में बहुत दिलचस्पी थी, किंतु उसके माता- पिता उसे साइंस पढ़ाकर डाक्टर बनाना चाहते थे। फलतः साइंस में अरुचि के कारण राहुल धीरे-धीरे पढ़ाई में पिछड़ता गया और अवसाद का शिकार हो गया।प्रायः भारतीय परिवारों में माता-पिता बच्चों को करियर संबंधित निर्णय नहीं लेने देते हैं वे अपने विचार बच्चों पर थोपते हैं। अपनी इच्छा का दवाब बनाने लगते हैं। जिसकी वजह से बच्चा अक्सर अच्छे परिणामों से दूर हो जाता है। ऐसे में अगर बच्चा अपनी पसंद का करियर चुनता है तो वह उस क्षेत्र के पसंद आने पर स्वतः ही उस क्षेत्र में सफल हो जायेगा।

जीवन में सफलता पाने के लिए लक्ष्य निर्धारण बहुत महत्वपूर्ण होता है, जिसे करने में आपकी रुचि (interest) भी हो। कई बार लोग सिर्फ लाभ कमाने के लिए ऐसा व्यवसाय चुन लेते हैं जिसमें उनकी जरा सी भी रुचि नहीं होती है। कारणवश, उन्हें बाद में नुकसान उठाना पड़ जाता है। इसलिए सफलता पाने के लिए अपने पसंद के अनुसार काम को चुनें।

• सही सलाहकार चुनें अर्जुन ने कृष्ण को अपना मार्ग दर्शक चुना और दुर्योधन ने शकुनि को परिणाम से सभी अवगत हैं। नकारात्मक सोच के लोगों से दूरी बरतें और अपने आस-पास सकारात्मक वातावरण और लोग चुनें। सकारात्मक सोच सफलता की महत्वपूर्ण सीढ़ी होती है।सकारात्मक और प्रगतिशील व्यक्तित्व के दोस्त बनाए और अच्छे ज्ञानी और ऊंची सोच वाले मित्र बनाएआपके आसपास का वातावरण आपके सफलता का पैमाना होती है।

अपने आपको पहचाने,स्वयं से प्यार करे और अपने बहूमूल्य जीवन का लक्ष्य निर्धारित करें।अंग्रेजी में एक कहावत है“ show me your friends & I will tell you your future”

• गलत लोगों या नकारात्मक के साथ नहीं रहेंअच्छी और प्रोत्साहित (motivational) करनेवाली किताबें पढे़,स मोटिवेशनल आडियो और आडियो बुक्स सुनें, मेडिटेशन करें और मानसिक बल बढ़ाएं।“आप भले तो जग भला” यानि अगर आप मानसिक, शारीरिक रूप से स्वस्थ हैं तो सारी दुनिया आप मुट्ठी में कर सकते हैं।मूलमंत्र सारांशउत्थानं संयमो दाक्ष्यमप्रमादो धृति: स्मृति:।समीक्ष्य च समारम्भो विद्धि मूलं भवस्य तु।।इस श्लोक में जीवन में कर्म, विचार और व्यवहार से जुड़ी 7 बातें उन्नति का मूल मंत्र मानी गई है। ये मूल मंत्र हैं – परिश्रम, संयम, दक्षता, धैर्य, सावधानी, स्मृति और सोच-विचार।

• आत्मविश्वास, लक्ष्य, अभ्यास, जूनून, समय का सदुपयोग और अपनी योग्यता की पहचान ही सफलता की कुंजी है।

सफलता पर महत्वपूर्ण कोट्स

बार-बार असफल होने पर भी अपना उत्साह ना खोना और प्रयास करते रहना ही सफलता है। (विंस्टन चर्चिल)

जब आप अपना काम तब भी करें जब उसके लिए आपको पैसा न मिले तो आप जानते हैं कि आप सफलता की राह पर हैं। (ओपरा विनफ्रे)

असफलता का मतलब है ; कार्य प्रगति पर है। (अल्बर्ट आइंस्टीन)

सफलता सही काम करने के बारे में है, न कि सब कुछ सही करने के बारे में। (गैरी केलर)

संघर्ष जितना कठिन होगा, जीत उतनी ही शानदार होगी। (टॉमस पाइने)

जीतने वाले कोई अलग काम नहीं करते, बल्कि वह हर काम को अलग ढंग से करते हैं। (शिव खेड़ा)

अवसर मिलते नहीं हैं बल्कि उन्हें बनाना पड़ता है। (क्रिस ग्रॉसर)

मूर्ख व्यक्ति भाग्य में विश्वास करते हैं जबकि साहसी व्यक्ति कारण और प्रभाव में विश्वास करते हैं। (राल्फ वाल्डो इमर्सन)

सफलता का एक सरल सूत्र यह भी है की अपना सर्वश्रेष्ठ करो, और शायद लोग इसे पसंद कर लें। (सैम इविंग)

विफलता सबसे बुरी हार नहीं है। कोशिश नहीं करना असली विफलता है। (जॉर्ज एडवर्ड वुडबेरी)

जीवनशैली और विचारों में बदलाव लाए और सफलता की ओर कदम बढ़ाएं। आने वाले नववर्ष को सफल साल बनाए।

धन्यवाद, जय हिंद

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