अदरक के फायदे/ कैसे बनाएं अदरक का तेल/ अदरक का हलवा/ अदरक का पाचक चूर्ण

औषधीय गुणों का भंडार अदरक हजारों सालों से भारतीय रसोई में इस्तेमाल की जाने वाली सबसे पसंदीदा स्वादवर्धक (taste enhancer) चीज है। अदरक वाली चाय की चुस्की से सुबह की शुरुआत तो  बहुत लोगों की होती है  पर इससे होने वाले फायदे से अनभिज्ञ रहते हैं। भारतीय रसोई का यह बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है विभिन्न व्यंजनों सब्जी, हेल्थ ड्रिंक, चाय काढ़ा और नौनवेज डिसेज बनाने में इसका उपयोग होता है।

अदरक की तासीर गर्म होती है, अतः सर्दियों में इसका सेवन बढ़ जाता है। किंतु कोरोना काल में इसके औषधीय गुणों के कारण पूरे साल अदरक के सेवन और मांग बनी रही। अदरक कफ-पित्त-वात नाशक होता है। आगे पढ़ें

  • अदरक का उपयोग
  • अदरक का पाचक चूर्ण
  • कैसे बनाए अदरक का तेल
  • अदरक का हलवा

अदरक का उपयोग

सर्दी-जुकाम में अदरक

  • अदरक का रस और शहद मिलाकर खाने से कफ की समस्या का निदान होता है। सर्दी, खांसी, दमे के रोग में भी लाभ होता है।
  • एक गिलास गर्म दूध में आधा इंच अदरक (कस कर) या सोंठ पाउडर (dry ginger powder) उबाल कर पीने से गले की खराश, सर्दी-जुकाम और बुखार में राहत मिलती है
  • अदरक, काली मिर्च और दालचीनी का काढ़ा पीने से भी सर्दी- जुकाम में आराम होता है।
  • दमा रोगी (Asthma) के लिए यह संजीवनी बूटी सदृश है। अदरक के रस का शहद और काली मिर्च के सेवन हमेशा करने से राहत होती है।
  • कच्ची अदरक के टुकड़ों को सेंधा नमक के साथ भोजन करने से पहले सेवन करें, यह खाने में रूचि बढ़ाने, बलगम कम करने, गले की खराश मिटाने की यह उपयुक्त औषधि है।
  • ठंड लगने या सर्दियों में अधिक ठंड, सर्दी-जुकाम से पीड़ित रहने पर अदरक के रस और सरसों के तेल में लहसुन पकाकर मिला लें। इससे मालिश करने से शरीर में गर्मी आती है और ठंड से निजात मिलती है।
  • सर्दी-जुकाम बढ़ जाने या निमोनिया होने पर अदरक के रस, लहसुन, जायफल, कपूर और साल भर पुरानी घी को गर्म कर छाती और तलवों की मालिश करने से राहत मिलती है।
  • अदरक हमारे पाचन को मजबूत बनाता है। अदरक के सेवन से गैस, कब्ज, पेट दर्द, पेट की मरोड़ सरीखी समस्याओं से राहत होती है।
  • भूख नहीं लगने या खाने में अनिच्छा होने, पेट में गैस और कब्ज की समस्या होने पर 1-2 ग्राम अदरक को बारीक काटकर सेंधा नमक के साथ खाने से गैस और कब्ज की समस्या से निजात मिलेगी।
  • अदरक की सब्जी और सूखी रोटी खाने से खट्टी डकारें, अपच और हार्ट बर्न की शिकायत दूर होती है।
  • दांत के दर्द में ½ “ अदरक या सोंठ के टुकड़े को दांतों के बीच (दर्द वाली जगह) दबा रखने से राहत  होती है।
  • इन्फ्लूएंजा पीड़ित मरीज अगर सोंठ (50gm) पाउडर, पिप्पली पाउडर (25gm) और काकड़ासिंगी पाउडर (150gm) का मिश्रण का शहद के साथ 2-3 बार सेवन करें, तो लाभ होता है।
  • पेट में वात (gas) की समस्या रहे और पेट में दर्द भी बना रहे। तब पानी में अदरक और जवाखार उबाल लें। इस पानी को हल्का गर्म 2-3 बार पीयें। इससे पेट हल्का लगेगा और गैस से राहत मिलेगी।
  • पुरुषों में वीर्यं संबंधी परेशानी का अदरक आवश्यकतानुसार सेवन से निदान संभव है।
  • अदरक और प्याज का रस मिलाकर पीने से उल्टी (Vomit) की समस्या ठीक होती है। अपच ((Indigestion) की समस्या में भी अदरक के फायदेमंद साबित होता है।
  • संग्रहणी, कब्ज- सोंठ पाउडर (50gm), सौंफ पाउडर(50gm) और हरड़ पाउडर (50gm) को पीसी हुई गुड़ या शक्कर (150gm)  मिलाकर चूर्ण बनाकर दिन में 2-3 बार लें। इससे कबज, बदहजमी, पेट में मरोड़ और संग्रहनी यानि IBS (Irritable bowel  syndrome) में बहुत लाभ होता है।
  • मधुमेह (diabetes) के रोगी के लिए भी सीमित मात्रा में अदरक का सेवन लाभदायक होता है। अदरक खून में शर्करा (Sugar) के अनुपात को नियंत्रित करने में सहायक होता है और इंसुलिन के स्राव (secretion) को बढा़ता है। मधुमेह रोगियों को दवा के साथ खाने में अदरक को शामिल करना चाहिए।
  • अपच की समस्या या खट्टी डकारें आए तो 1tbsp सिरका (Vinegar) और 1tsp अदरक के रस को मिलाकर पीने से फायदा होता है।
  • अदरक, पुदीना, नींबू को पीसकर (grind) चटनी बनाए। इसमें गुड़ और सेंधा नमक मिलाकर खाने के साथ खाने से भोजन का पाचन (digestion) ठीक से होता है।
  • अदरक की तासीर गर्म होने के साथ ही इसमें शरीर में दर्द कम करने और सूजन कम करने (Anti inflammatory) के चमत्कारी गुण होते हैं। इसी कारण जोड़ो के दर्द (Arthritis) से परेशानी से जूझ रहे व्यक्ति को अदरक के सेवन से लाभ मिलता है।
  • गठिया से पीड़ित रोगी अगर सोंठ, भूनी तिल, घी में भूनी हल्दी के पाउडर बनाकर गुड़ के साथ सर्दियों में सेवन करें और साथ में एक गिलास गर्म दूध ले, इसका सकारात्मक प्रभाव जल्द देखने को मिलता है।
  • अदरक में ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल कम करने के भी गुण पाए जाते हैं। समुचित मात्रा में इसका सेवन ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल रोगी के लिए लाभदायक होता है।
  • अदरक में खून पतला करने के भी गुण मौजूद होते हैं, इसके सेवन से शरीर में खून के थक्के नहीं जमते। इसीलिए उचित मात्रा में इसका नियमित सेवन हृदयाघात (Heart Attack) और ब्रेन स्ट्रोक जैसे खतरों को दूर करता है।
  • अदरक में एंटीऑक्सीडेंट, सूजन कम करने (Anti Inflammatory), प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने (Immunonutrition), एंटीऑक्सीडेंट, सूक्ष्म बैक्टीरिया को खत्म करने वाला(Anti microbial) गुण पाया जाता
  • अदरक बालों से संबंधित समस्याओं में बहुत ही उपयोगी औषधि है। इसमें मौजूद तत्वों में ऐंटीसेप्टिक गुण और रक्त प्रवाह (blood flow) में सुचारू करने के गुण होते हैं, जिससे स्कैल्प और बालों की गुणवत्ता में सुधार आता है।

अदरक का पाचक चूर्ण कैसे बनाए

अदरक (बारीक टुकड़े)

अजवाइन (हल्की भूनी)

नींबू

सेंधा नमक

अदरक के बारीक टुकड़े और भूनी अजवाइन की समान मात्रा लें। इसमें इतना नींबू का रस निचोड़े की अदरक और अजवाइन डूब जाए। इसे छांव में अच्छी तरह सुखा कर, इसमें सेंधा नमक मिलाकर मर्तबान (Airtight bottle) सुरक्षित रखें। प्रतिदिन दो बार इसके सेवन से अपच, कब्ज, मंदाग्नि और गैस की समस्या में राहत मिलेगी।

कैसे बनाए अदरक का तेल

तिल का तेल 250gm

अदरक (पिसी हुई) 250 gm

सेंधा नमक 50 gm

एक लोहे की मोटे तले की कढ़ाई लें। कढ़ाई में तिल के तेल को गर्म करें। जब तेल गर्म हो जाए तो इसमें नींबू के 4-5 पत्ते डाल दें। पत्ते के तड़कने के बाद तेल को ठंडी कर लें। इसमें कसे या पीसे हुए अदरक को मिला लें। इसे धीमी आंच (low flame) में धीरे-धीरे पका लेतें हैं। फिर इसमें सेंधा नमक मिला लें। अच्छी तरह पकाकर इसे ठंडा कर लें। ठंडी होने के बाद निकले तेल को छान लें। यही अदरक का तेल है। इसे किसी साफ बोतल (Air tight bottle) में सुरक्षित रखें। अदरक का तेल की जोड़ के दर्द (Arthritis) और अन्य रोगों में भी इसका उपयोग होता है।

अदरक का हेल्दी हलवा

अदरक 250 gm

शुद्ध धी 500 gm

गुड़/ शक्कर 500 gm

अदरक का हलवा बनाने के लिए अदरक को छीलकर पीस लें। गाय के शुद्ध घी में पीसे अदरक को मिलाकर धीमी आंच पर पकाएं। इसे सुनहरा भूरा (Golden brown) होने तक पकाएं। गुड़ का पाउडर बनाकर इसमें तब तक पकाएं, जब तक कढ़ाई तले को छोड़ने ना लगे। और अगर आप शक्कर लें तो उसकी एक तार की चाशनी बनाकर सुनहरे भूनें अदरक में मिला लें और मध्यम आंच में 2 मिनट पकाकर गैस बंद कर दें।

ठंड के मौसम में गर्म दूध के साथ दो-दो चम्मच सुबह-शाम इसके सेवन से बहुत सारी बीमारियों से बचा जा सकता है। सर्दी, जुकाम, दमा, खांसी और मांसपेशियों या शरीर में ऐंठन में इसके सेवन से लाभ होता है। पाचन ठीक करने और पेट के कीड़ों से निजात की यह अचूक दवा है।

नोटः उपर्युक्त तरीके उपचार के घरेलू एवं आयुर्वेदिक नुस्खे हैं , इसे किसी दवा या उपचार का विकल्प नहीं समझें। आवश्यकता पड़ने पर अपने चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।

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